September 29, 2022
Meri Maa Short Poem In Hindi

12+ Meri Maa Short Poem In Hindi | माँ की याद कविता

Meri Maa Short Poem In Hindi | माँ की याद कविता

Meri Maa Short Poem In Hindi आज हम आपके लिए लेके आये है माँ की याद कविता / Maa Pe Kavita. यह Maa Ke Liye Poem आपको जरूर पसंद आएगा किउकी इस आर्टिकल मै हमने कविता को छांट के लेके आये है जैसे की माँ पर दो लाइन शायरी, माँ की ममता कविता आदि। 

इस दुनिया का सबसे अनमोल शब्द एवं व्यक्ति है मां। मां वह होती है जो हमे जन्म देती है और हमारा पालन पोषण करती है। इस पूरी दुनिया में हमसे अगर कोई निस्वार्थ प्रेम करता है तो वो है मां। एक मां ही है जो दुनिया भर की कठिनाइयां सहकर भी अपनी संतान को सारी सुख सुविधाएं देती है। मां अपनी संतान के लिए जितना त्याग करती है उतना शायद ही कोई भी किसी के लिए कर पाए। किसी भी इंसान का पहला गुरु उसकी मां ही होती है।

 हर व्यक्ति अपनी मां से ही जीवन जीने का सही तरीका सीखता है। मां अपनी संतान को हमेशा सच्चाई और ईमानदारी की राह पर चलना सिखाती है। मां की सिखाती गई सीख ही हमारे जीवन में हमारे चारित्र को ढालने की नींव रखती है। जब भी हम किसी समस्या में होते है तो सबसे पहले हमे मां ही याद आती है, क्युकी हमे पता होता है की एक मां ही है जो बिना कुछ स्वार्थ के हमारी मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहती है। तो देखा जाए तो इस दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति मां ही होती है।

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दोस्तो, इस लेख में हम आपके सामने रखना चाहेंगे कुछ मां के ऊपर लिखी सुंदर कविताएं ( Maa Short Poem In Hindi )। ये कविताएं आपके दिल को छू जाएंगी। आप इन्हे अपनी मां के साथ भी Share kar sakte hai।

Meri Maa Short Poem In Hindi | Poem on Mother in Hindi

माँ की याद कविता | Sad Poem on Maa in Hindi

हमारे हर मर्ज की दावा होती है माँ,

कभी डाट ती है हमे तो कभी गले लगा लेती है माँ|

हमारी आँखों के अंशु अपनी आँखों में समां लेती है माँ

अपने होठो की हंसी हम पर लुटा देती है माँ,

हमारी खुशियों में सामिल होकर अपने गम भुला देती है माँ|

जब भी कभी ठोकर लगे हमे याद आती है माँ,

दुनिया की तपिश में हमे अंचल की शीतल छाया देती है माँ|

खुद चाहे कितनी भी थकी हो हमे देख कर अपनी थकान भुला जाती है माँ,

प्यार भरे हाथो से हमेशा हमारी थकान मिटा देती है माँ|

बात जब भी हो लालिज खाने की तो हमे याद आती है माँ,

रिस्तो को खूबसूरती से निभाहना सिखाती है माँ|

लवजो मे जिसे बाया नहीं किया जा साके ऐसी होती है माँ,

भगवान भी जिसकी ममता के आगे छुक जाये ऐसी होती है माँ

 


Maa Par Kavita Hindi Mein 

बहुत याद आती है माँ,

मैं हूं कौन बताया था माँ ने.

मुझे पहला कलमा पढ़ाया था माँ ने.

वो यह चाहती थी कि मै सिख जाऊ.

वो हाथो से खिलाती थी मुझ को,

कभी लोरिया भी सुनाती थी मुझ को.

वह नन्हे से पैर चलाती थी मुझको,

कभी दूर जाकर बुलाती थी मुझको.

मेरा लड़खड़ाकर पहलू में गिरना,

उठाकर गले से लगाती थी मुझको.

कि चलना सिखाती है माँ,

बहुत याद आती है माँ.

 


Maa Ke Upar Poem In Hindi

Maa ki Bhavanan Hindi Poem | Short Hindi Poem on Maa

महकने लगा फिर यादोँ का मौसम।

कसमों का मौसम, वादों का मौसम।।

जुल्फ़ों की रंगत पनाहों में लेकर।

तेरे सुर्ख होंठों से लाली चुराकर।।

गालों में खिलती कलियों का मौसम।।

दबे पाँव ऊंगली में आँचल लपेटे।

आते थे तुम सारी खुशियाँ समेटे।।

आया है यूँ आज ख़्वाबों का मौसम।।

जब भी उमड़ता था चाहत का सावन।

पिघलते थे सांसों की गर्मी से तन मन।

शोला सा था ठण्डी रातों का मौसम।।

अचानक ये ग़म की घटा छा गयी।

जुदाई की जालिम घड़ी आ गयी।

है दूर तक अब फिजाओं का मौसम।।

( Maa Short Poem In Hindi )


Maa Pe Kavita In Hindi

मम्मी मेरी प्यारी है

सारे जग से न्यारी है

हंसती है तो लगती है

खिली फूल की क्यारी है

ममता की वो मूरत है

सुंदर उसकी सूरत है

और किसी को हो न हो

उसको मेरी जरुरत है


Poem On Maa In Hindi 

माँ की ममता कविता | Maa Ki Pribhaasha Hindi Kavita

माँ की जान कहाँ होती है?

बच्चों में।

माँ की आन कहाँ होती है?

बच्चों से।

माँ का मान कहाँ होता है?

बच्चों में।

माँ की ममता कहाँ होती है?

बच्चों में।

माँ की सुबह कहाँ होती है?

बच्चों से।

माँ की शाम कहाँ होती है?

बच्चों में।

माँ की आस कहाँ होती है?

बच्चों से।

माँ की सोच कहाँ होती है?

बच्चो में।

माँ का अंत कहाँ होता है?

बच्चों में।

माँ की जान कहाँ होती है?

बच्चों में।

 


Maa Par Kavita In Hindi

क्या सीरत क्या सूरत थी

माँ ममता की मूरत थी

पाँव छुए और काम बने

अम्मा एक महूरत थी

बस्ती भर के दुख सुख में

एक अहम ज़रूरत थी

सच कहते हैं माँ हमको

तेरी बहुत ज़रूरत थी

 


Maa par Poem in Hindi

Maa ki Sahanashilata Hindi Poem | Maa Ka Pyar Hindi Poem

तू धरती पर ख़ुदा है माँ,

पंछी को छाया देती पेड़ों की डाली है तू माँ

सूरज से रोशन होते चेहरे की लाली है तू,

पौधों को जीवन देती है मिट्टी की क्यारी है तू

सबसे अलग सबसे जुदा,

माँ सबसे न्यारी है तू

तू रोशनी का खुदा है माँ,

बंजर धरा पर बारिश की बौछार है तू माँ

जीवन के सूने उपवन में कलियों की बहार है तू,

ईश्वर का सबसे प्यारा और सुंदर अवतार है तू माँ

तू फरिश्तों की दुआ है माँ,

तू धरती पर ख़ुदा है माँ

 


Maa Poem In Hindi Lyrics

हज़ारों दुखड़े सहती है माँ

फिर भी कुछ ना कहती है माँ

हमारा बेटा फले औ’ फूले

यही तो मंतर पढ़ती है माँ

हमारे कपड़े कलम औ’ कॉपी

बड़े जतन से रखती है माँ

बना रहे घर बँटे न आँगन

इसी से सबकी सहती है माँ

रहे सलामत चिराग घर का

यही दुआ बस करती है माँ

बढ़े उदासी मन में जब जब

बहुत याद में रहती है माँ

नज़र का कांटा कहते हैं सब

जिगर का टुकड़ा कहती है माँ

मनोज मेरे हृदय में हरदम

ईश्वर जैसी रहती है माँ

(Maa Short Poem In Hindi)


Mother kavita on Maa Ki Mamta

माँ पर दो लाइन शायरी | Maa Ke Liye Poem

अंधियारी रातों में मुझको

थपकी देकर कभी सुलाती

कभी प्यार से मुझे चूमती

कभी डाँटकर पास बुलाती

कभी आँख के आँसू मेरे

आँचल से पोंछा करती वो

सपनों के झूलों में अक्सर

धीरे-धीरे मुझे झुलाती

सब दुनिया से रूठ रपटकर

जब मैं बेमन से सो जाता

हौले से वो चादर खींचे

अपने सीने मुझे लगाती

 


Emotional Kavita on Mother in Hindi

घुटनों से रेंगते-रेंगते,

कब पैरो पर खड़ा हुआ|

तेरी ममता की छाओ में,

जाने कब बड़ा हुआ|

काला टिका दूध मलाई|

आज भी सब कुछ वैसा है|

मैं ही मैं हूँ हर जगह,

प्यार ये तेरा कैसा है?

सीधा-साधा, भोला-भला,

मैं ही सबसे अच्छा हूँ|

कितना भी हो जाऊ बड़ा,

माँ ! मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ|

 


Mother’s Day Special Kavita

Maa Par Kavita In Hindi Short | माँ की याद कविता

क्या सीरत क्या सूरत थी

माँ ममता की मूरत थी

पाँव छुए और काम बने

अम्मा एक महूरत थी

बस्ती भर के दुख सुख में

एक अहम ज़रूरत थी

सच कहते हैं माँ हमको

तेरी बहुत ज़रूरत थी

 


Pyari Maa Hindi Poem

मेरे सर पर भी माँ की दुवाओं का साया होगा,

इसलिए समुन्दर ने मुझे डूबने से बचाया होगा..

माँ की आघोष में लौट आया है वो बेटा फिर से..

शायद इस दुनिया ने उसे बहुत सताया होगा…

अब उसकी मोहब्बत की कोई क्या मिसाल दे,

पेट अपना काट जब बच्चों को खिलाया होगा..

की थी सकावत उमर भर जिसने उन के लिए

क्या हाल हुआ जब हाथ में कजा आया होगा

कैसे जन्नत मिलेगी उस औलाद को जिस ने

उस माँ से पैहले बीवी का फ़र्ज़ निभाया होगा…

और माँ के सजदे को कोई शिर्क ना कह दे

इसलिए उन पैरों में एक स्वर्ग बनाया होगा…


दोस्तों  मैं आसा करता हु की यह Meri Maa Short Poem In Hindi आपको अच्छा लगा होगा , अगर आपको यह कविता आपको पसंद आई हो तोह आपको हमारी और भी articles  पसंद आएँगी जैसे की Poem On Life In Hindi , Desh Bhakti Kavita Poem in Hindi, Ganga Nadi Par Kavita। अगर आपको अपनी कविता को फीचर करना है तोह आप हमे कमेंट करके बता सकते है। 

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