Dr Kumar Vishwas Shayari

30 + Famous Dr. Kumar Vishwas Shayari In Hindi | Dr. कुमार विश्वास की मशहूर शायरी 

Kumar Vishwas Shayari In Hindi

दोस्तों, आज हम आपको साझा कराएंगे मशहूर कवि एवं लेखक Dr. कुमार विश्वास के द्वारा लिखी गई कुछ पंक्तियों से (Famous Dr. Kumar Vishwas Shayari In Hindi)। यह पंक्तियां आपको कुमार के काम के प्रति दीवाना बना देगी। हमने वही हिंदी शायरी को ट्रांसलेट करके इंग्लिश में भी बताया है। 

हिंदी शायरी के माध्यम से हम अपनी मन की बात  आसानी से कह सकते है। अगर आपको पता ना हो तो हम आपको बतादें की दुनिया में Hindi Shayari की बहुत ज्यादा वैल्यू है। खासकर प्रेमियों के दिल में, वह अक्सर अपनी दिल की बात शायरी से जताते है। 

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तो आइए बिना समय लगाए शुरू करते है उनके द्वारा लिखी गई 30 पंक्तियों से।

Dr. Kumar Vishwas Best 50 Shayari Collection of 2022

1) मेरे जीने मरने में
तुम्हारा नाम आएगा। 
मैं सांस रोक लू फिर भी
यही इलज़ाम आएगा
हर एक धड़कन में जब तुम हो
तो फिर अपराध क्या मेरा,
अगर राधा पुकारेंगी
तो घनश्याम आएगा

Mere jeene marne main,
tumhara naam aayega.
main saans rok lu phir bhi,
Yahi ilzaam aayegaa.
har ek dhadkan main jab tum ho,
to phir apradh kya mera,
agar radha pukarengi,
to ghanshyam aayega.

2)  यह चादर सुख की मोल क्यू

    सदा छोटी बनाता है

    सीरा कोई भी थामो

    दूसरा खुद छुट जाता है

    तुम्हारे साथ था तो मैं,  

    जमाने भर में रुसवा था

   मगर अब तुम नहीं हो तो,

   ज़माना साथ गाता है.

 

Yeh chadar sukh ki mola kyu,
sad choti banata hain.
seera koi bhi thamo,
dusra khud chhut jaata hain.
tmharey saath tha to main,
zamaane bhar main ruswa tha.
magar ab tum nahi ho to,
Zamana sath gata hain.

Kumar Vishwas Shayari in Hindi Lyrics

3)  तुझ को गुरुर हुस्न है 

    मुझ को सुरूर फ़न

   दोनों को खुद पसंदगी की 

   लत बुरी भी है

   तुझ में छुपा के खुद को 

   मैं रख दूँ मग़र मुझे

   कुछ रख के भूल जाने की 

   आदत बुरी भी है

(कुमार विश्वास शायरी हिंदी)

 

Tujh ko guru-e-husb hai
mujh ko suru-e-fan hain.
donon ko khud pasandgi ki
lat buri bhii hai.
tujh mein chhupa ke khud ko
main rakh doon magar mujhe.
kachh rakh ke bhul jaane ki
aadat buri bhi hain.

(कुमार विश्वास शायरी हिंदी)


4) घर से निकला हूँ तो निकला है घर भी साथ मेरे

   देखना ये है कि मंज़िल पे कौन पहुँचेगा ?

   मेरी कश्ती में भँवर बाँध के दुनिया ख़ुश है

  दुनिया देखेगी कि साहिल पे कौन पहुँचेगा

  (कुमार विश्वास शायरी हिंदी)

Ghar se nikla hun to nikla hai ghar bhi sath mere
dekhna ye hai ki manzil pe kaun pahunchega?
meri kashti mein bhawar bandh ke duniya khush hai
duniya dekhegi ki sahil pe kaun pahunchega.

(कुमार विश्वास शायरी हिंदी)


Kumar Vishwas Shayari Desh Bhakti

5) बस्तीबस्ती घोर उदासी

    पर्वतपर्वत सुनापन

    मन हीरा बेमोल लुट गया

    घिसघिस रीता मन चंदन

    इस धरती से उस अम्बर तक

    दो ही चीज़ गजब की है

    एक तो तेरा भोलापन है

    एक मेरा दीवानापन

 

Basti basti ghor udasi,
parvat parvat sunapan.
man heera bemol lut gaya,
ghis ghis reeta man chandan.
is dharti se uss ambar tak,
do hi cheez gajab ki hain.
ek toh tera bholapan hain,
ek mera deewanapan.

6) तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है

   समझता हूँ

  तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है

  समझता हूँ

   तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये 

  मुमकिन है नहीं लेकिन

  तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है

  समझता हूँ

 

Tera paas hoon lekin jo duri hain,
samjhta hun.
Tumhaare bin meri hasti adhoori hain,
samjhta hun.
tumhe main bhool jaaunga yeh
mumkin hai nahin lekin.
tumhi ko bhoolna sabse jarorri hai
samjhta hun.

Kumar Vishwas Dosti Shayari In Hindi

7) क़लम को खून में खुद के डुबोता हूँ तो हंगामा,

  गिरेबां अपना आँसू में भिगोता हूँ तो हंगामा

  नहीं मुझ पर भी जो खुद की ख़बर वो है ज़माने पर,

  मैं हँसता हूँ तो हंगामा, मैं रोता हूँ तो हंगामा

 

Kalam ko khoon mein khud ke dubota hoon to hungama,
gireban apna aansoon mein bhigota hoon to hungama,
Nahin mujhe par bhi jo khud ki khabar wo hai zamaane par,
Main hansra hoon toh hungama.

 


8) कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है

   लो हमने देख ली दुनिया, जो इतनी खुबसूरत है

   जमाना अपनी समझे पर, मुझे अपनी खबर यह है

    तुझे मेरी जरुरत है, मुझे तेरी जरुरत है.

  

Koi patthar ki murat hain, kisi patthar main murat hian
lol humne dekh lee duniya, jo itni khubsuat hain
zamana apni samjhe par, mujhe apni khabar yaha hain
Tujhe meri Jarura hain, mujhe teri jarurat hain.

 


Kumar Vishwas Motivational Shayari In Hindi

9) उसी की तरहा मुझे सारा ज़माना चाहे,

  वो मेरा होने से ज्यादा मुझे पाना चाहे,

  मेरी पलकों से फिसल जाता है चेहरा तेरा,

  ये मुसाफिर तो कोई ठिकाना चाहे

 

Usi ki tarah mujhe saara zamaana chaahe 
wo mera hone se jyaada mujhe paana chaahe
meri palkon se fisal jaata hai chehara tera
ye musafir to koi thkana chaahe.

10) कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है

   मगर धरती की बैचेनी तो, बस बादल समझता है

  मैं तुमसे दूर कितना हु , तू मुझसे दूर कितनी है

  ये तेरा दिल समझता है , या मेरा दिल समझता है

 

Koi deewan kehta hain, koi pagal samjhta hain
magar dharti ki baicheni toh, bas badal samjhta hain
main tumse dur kitna hun, tu mujhse dur kitni hain
yeh tera dil samjhta hain, ya mera dil samjhta hain.

Kumar Vishwas Shayari On Life

11) मेरा जो भी तर्जुबा है, तुम्हे बतला रहा हूँ मैं
कोई लब छु गया था तब, की अब तक गा रहा हूँ मैं
बिछुड़ के तुम से अब कैसे, जिया जाये बिना तडपे
जो मैं खुद ही नहीं समझा, वही समझा रहा हु मैं

Mera jo bhi tajura hain, tumhe batla rha hu main
koi lab chu gya tha tab, ki ab tak gaa rha hu main
bichad ke tum sa ab kaise, jiya jaye bina tadpe
jo main khud nahi samjha, wahi samjha rha hu main.

12)मोहब्बत एक अहसासों की, पावन सी कहानी है,
कभी कबिरा दीवाना था, कभी मीरा दीवानी है,
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं,
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है।

Mohabat ek ehsaanso ki, pawan si kahani hain,
kabhi kabiri diwani tha, kabhi mira diwani hain,
yahan sab log kehtey hain, meri aankhon main aanshu hain,
jo tu samjho toh moti hain, jo na samjho toh paani hain.

Kumar Vishwas Love Shayari In Hindi Lyrics

13) स्वंय से दूर हो तुम भी स्वंय से दूर है हम भी
बहुत मशहूर हो तुम भी बहुत मशहूर है हम भी
बड़े मगरूर हो तुम भी बड़े मगरूर है हम भी
अतः मजबूर हो तुम भी अतः मजबूर है हम भी
Swaye se durr ho tum bhi, swaye se durr hum bhi,
bahut mashoor ho tum bhi, bahot mashoor hain hum bhi
badey magroor ho tum bhi, bade magroor hain hum bhi
atah majboor ho tum bhi, atah majboor hai hum bhi

14) नज़र में शोखिया लब पर मुहब्बत का तराना है

मेरी उम्मीद की जद़ में अभी सारा जमाना है
कई जीते है दिल के देश पर मालूम है मुझकों
सिकन्दर हूं मुझे इक रोज खाली हाथ जाना है।
Nazar main sokhiya lab par muhabat ka tarana hain
meri umeed ki jad main abhi sara jamana hain
kai jeetey hain dil ke desh par maalum hai mujhko
sikander hun mujhe ek roz khaali hath jana hain.

Famous Kumar Vishwas Poetry, Shayari

15) हमने दुःख के महासिंधु से सुख का मोती बीना है
और उदासी के पंजों से हँसने का सुख छीना है
मान और सम्मान हमें ये याद दिलाते है पल पल
भीतर भीतर मरना है पर बाहर बाहर जीना है।

16)वो जिसका तीरे छुपके से जिगर के पार होता है

वो कोई गैर क्या अपना ही रिश्तेदार होता है
किसी से अपने दिल की बात तू कहना ना भूले से
यहां खत भी जरा सी देर में अखबार होता है।

kumar vishwas shayari pagli ladki

17)घर से निकला हूँ तो निकला है घर भी साथ मेरे
देखना ये है कि मंज़िल पे कौन पहुँचेगा
मेरी कश्ती में भँवर बाँध के दुनिया ख़ुश है
दुनिया देखेगी कि साहिल पे कौन पहुँचेगा।

18) पनाहों में जो आया हो, तो उस पर वार क्या करना

जो दिल हारा हुआ हो उस पे फिर अधिकार क्या करना
मुहब्बत का मजा तो डूबने की कशमकश में है |

कुमार विश्वास की शायरी

19) भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का
मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामा

20) ना पाने की खुशी है कुछ, ना खोने का ही कुछ गम है
ये दौलत और शोहरत सिर्फ, कुछ ज़ख्मों का मरहम है
अजब सी कशमकश है,रोज़ जीने, रोज़ मरने में
मुक्कमल ज़िन्दगी तो है, मगर पूरी से कुछ कम है|

Best Of Kumar Vishwas Shayari

21) पनाहों में जो आया हो, उस पर वार क्या करना

जो दिल हारा हुआ हो, उस पे फिर से अधिकार क्या करना
मोहब्बत का मज़ा तो, डूबने की कशमकश में है
जो हो मालूम गहरायी, तो दरिया पार क्या करना

22) हमारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना है
खुदा जाने गुरुर ए हुस्न में मदहोश कितना है
किसी प्याले से पूछा है सुराही ने सबब मय का
जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये होश कितना है|

Best of Kumar Vishwas Shayari

23) जब जल्दी घर जाने की इच्छा , मन ही मन घुट जाती है ,
जब कॉलेज से घर लाने वाली , पहली बस छुट जाती है ,

24) वो जिसका तीर चुपके से जिगर के पार होता है
वो कोई गैर क्या अपना ही रिश्तेदार होता है
किसी से अपने दिल की बात तू कहना ना भूले से
यहाँ ख़त भी थोड़ी देर में अखबार होता है|

25) तुम्हीं पे मरता है ये दिल अदावत क्यों नहीं करता,
कई जन्मों से बंदी है बगावत क्यों नहीं करता,
कभी तुमसे थी जो वो ही शिकायत है ज़माने से,
मेरी तारीफ़ करता है मोहब्बत क्यों नहीं करता।

26) जब कमरे में सन्नाटे की आवाज सुनाई देती है ,
जब दर्पण में आँखों के नीचे झाई दिखाई देती है ,

27) जमाना अपनी समझे पर, मुझे अपनी खबर यह है
तुझे मेरी जरुरत है, मुझे तेरी जरुरत है|


28) एक पहाडे सा मेरी उँगलियों पे ठहरा है
तेरी चुप्पी का सबब क्या है? इसे हल कर दे
ये फ़क़त लफ्ज़ हैं तो रोक दे रस्ता इन का
और अगर सच है तो फिर बात मुकम्मल कर दे|

29) तुम्हारा ख़्वाब जैसे ग़म को अपनाने से डरता है
हमारी आखँ का आँसूं , ख़ुशी पाने से डरता है
अज़ब है लज़्ज़ते ग़म भी, जो मेरा दिल अभी कल तक़
तेरे जाने से डरता था वो अब आने से डरता है|

30) कोई कब तक महज सोचे,कोई कब तक महज गाए
ईलाही क्या ये मुमकिन है कि कुछ ऐसा भी हो जाऐ
मेरा मेहताब उसकी रात के आगोश मे पिघले
मैँ उसकी नीँद मेँ जागूँ वो मुझमे घुल के सो जाऐ|

31) बतायें क्या हमें किन-किन सहारों ने सताया है
नदी तो कुछ नहीं बोली, किनारों ने सताया है
सदा ही शूल मेरी राह से ख़ुद हट गए लेकिन
मुझे तो हर घडी हर पल बहारों ने सताया है|

New Kumar Vishwas Shayari Collection 2022

Kumar Vishwas Shayari Collection 2022 out now. Enjoy

Kumar Vishwas Whatsapp Shayari in Hindi

Kumar Vishwas is one of the most famous people in shayari world. New collection by Kumar vishwas is out now. Enjoy

 

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